लखनऊ एसटीएफ इंस्पेक्टर दीपक सिंह के सिकंजे में फसा सॉल्वर गैंग,चार गिरफ्तार
समय व्यूज समाचार सेवा

कानपुर,सचेंडी में लखनऊ एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए एक अभ्यर्थी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है,इसके साथ ही 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह गैंग अभ्यर्थी का फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा उसकी जगह पर अपने गुर्गों से परीक्षा दिलवाता था। नौकरी लगवाने के लिए 10 लाख रुपये तक का ठेका लिया जाता था। गिरफ्तार होने वालों में एक अभ्यर्थी, दो सॉल्वर और एक बैंक का रिकवरी मैनेजर है। जिसकी जानकारी मिलते ही लखनऊ एसटीएफ के सीओ विमल कुमार सिंह की टीम अलर्ट हो गयी, और इस मामले का खुलासा करने के लिए एसटीएफ के इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय और इंस्पेक्टर दीपक सिंह की टीम को लगा दिया गया, ऐसे में सॉल्वर गैंग को पकड़ने के लिए टीम जुट गयी, लखनऊ से आयी एसटीएफ फ़ोर्स ने 23 अगस्त को गैंग का भांडाफोड़ कर एक अभ्यर्थी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया, एसटीएफ इंस्पेक्टर दीपक सिंह ने बताया कि आईबीपीएस की ओर से 22 व 23 अगस्त को सहभागी सहकारी क्षेत्र के बैंकों में परिवीक्षाधीन अधिकारी-प्रबंधक प्रशिक्षुओं की भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। शनिवार को दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि सचेंडी के भैलामऊ स्थित आईओएन डिजिटल जोन आईडीजेड में बने परीक्षा केंद्र में सॉल्वर गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहें हैं। एसटीएफ सचेंडी पुलिस के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची। परीक्षा खत्म होने के बाद एसटीएफ ने अभ्यर्थी रावतपुर के विनायकपुर पंचवटी निवासी अनुराधा कनौजिया और चकेरी हरजिंदर नगर के संजीवनगर निवासी अवनीश यादव को रोक लिया। दोनों के पास हाथ से दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र था, इसी के चलते उन्हें परीक्षा देने के लिए सहयोगी मिला था। अनुराधा के सहयोगी बिहार निवासी राहुल कुमार सिन्हा और अवनीश का सहयोगी बिहार के मधुबनी निवासी आशीष की योग्यता एमए निकली। अंकित ने पूछताछ में बताया कि वह ग्रामीण बैंक का रिकवरी मैनेजर है। उसके मोबाइल के व्हाट्सऐप पर साॅल्वर के नंबर, चैट समेत कई साक्ष्य मिले हैं।
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