प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आजकल के युवाओं के नशे की ओर ज्यादा आकर्षित की वजह से मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नशा मुक्ति केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र कुमार सागर

समय व्यूज विशेष संवाददाता

सुमेरपुर, हमीरपुर।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आजकल के युवाओं के नशे की ओर ज्यादा आकर्षित की वजह से मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नशा मुक्ति केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र कुमार सागर आप को बताते चलें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर श्री मती वन्दना अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज शुक्रवार 24.07.2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर में प्रातः साढ़े 10 बजे से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें *पीएलवी गणेश सिंह ने नशा मुक्त भारत अभियान, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं विधिक प्रावधानों के बारे में बताया।* पीएलवी गणेश सिंह ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए उपचार व पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान करना है। यह अभियान अभी तक 29 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँच चुका है। जिसमें शैक्षिणक संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों पर विशेष धयान दिया गया है। देश भर में 750 से अधिक पुनर्वास और नशा मुक्ति केन्द्रों के माध्यम से परामर्श और उपचार प्रदान किया जा रहा है। 1.25 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र इसमें सक्रिय रूप से शामिल होकर लोगों की मदद कर रहे हैं। *पीएलवी श्री सिंह ने आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त 2029 को सुप्रीम कोर्ट में लगने वाली विशेष लोक अदालत से मिलने वाले लाभ के बारे में भी बताया।* इस अवसर पर पीएचसी सुमेरपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तरुणपाल ने बताया कि नशा करने से लीवर, किडनी और फेफड़े खराब हो जाते हैं। उच्च रक्तचाप और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। पीएचसी में नशे का सेवन कर सुसाइड करने वाले युवाओं के मामले प्रायः आते हैं। चिकित्साधिकारी डॉ कादरी अहमद ने बताया कि 16 से 25 वर्ष की आयु के युवा पीढ़ी नशे की आदी बनती जा रही है। नशे से युवा मानसिक रोगों के शिकार हो रहे हैं। अत्यधिक तनाव, चिंता, अनिद्रा, अवसाद और याददाश्त कमजोर हो जाती है। उल्टी व कै के शिकार होते हैं। नशे से घरेलू हिंसा को बढ़ावा मिलता है। नशा का प्रयोग करने के उपरांत जो लोग वाहन चलाते हैं, वे अक्सर दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल में 90 फीसदी ऐसे दुर्घटनाओं के शिकार युवा आते हैं जो नशा का सेवन किए होते हैं। स्कूल, कॉलेजों में ज्यादा से ज्यादा ऐसे शिविर लगाए जाएं ताकि युवा पीढ़ी जागरूक हो सके। चिकित्साधिकारी डॉ विन्देश ने नशे से प्रतिरक्षा तंत्र की कमज़ोरी आती है। शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। आर्थिक तंगी आने से चोरी और हिंसा जैसे अपराधों में वृद्धि होती है। हमीरपुर जनपद

मुख्यालय में संचालित नशा मुक्त केंद्र के चिकित्सक डॉ जितेन्द्र कुमार सागर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र से कई युवाओं को लाभ मिला है। कई युवाओं का मुफ़्त उपचार चल रहा है। जो नशा के आदी हो चुके हों और नशा छोड़ना चाहते हों वे यहां पर भर्ती होकर मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इलाज के अलावा कोई भी व्यक्ति दृढ़ इच्छा शक्ति से नशा छोड़ सकता है। नशा का सेवन करने वालों को समाज और दोस्तों द्वारा नकार दिया जाता है। शिक्षक हरीराम गुप्त निरपेक्ष एवं शिक्षक कैलाश प्रसाद सोनी ने नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता पर जोर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर द्वारा ऐसे जागरूकता शिविर लगाए जाने की सराहना की। शिविर का समन्वय कर रहे पीएलवी गणेश सिंह ने अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
![]()





