महाराजा वीर शिरोमणि बिजली पासी की वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी आर्मी के तत्वाधान में धूमधाम से मनाई गई जयंती साथ ही किया गया विशाल भंडारा


समय व्यूज गौरव प्रजापति


कानपुर_महाराजा वीर शिरोमणि बिजली पासी की वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी आर्मी के तत्वाधान में धूमधाम से मनाई गई जयंती साथ ही किया गया विशाल भंडारा आपको बताते चलें 25 12 2025 को कानपुर बिनगांव मोरम मंडी महाराजा वीर शिरोमणि बिजली पासी चौराहा पर धूमधाम से एवं विशाल भंडारा आयोजन कर एवं मिष्ठान वितरण करके मनाई गई वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी की जयंती जिसमें कार्यक्रम आयोजक रहे मुख्य रूप से वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खागल पासी, एडवोकेट बिमलेश पासवान, डॉ योगेंद्र पासवान राष्ट्रीय

उपाध्यक्ष कुमार हॉस्पिटल वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व भाजपा विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, सोनेलाल पासवान,बृजेश पटेल उर्फ गब्बर सिंह जिला पंचायत सदस्य अमोली,एडवोकेट हाई कोर्ट संजीव सिंह बउआ बाबा ठाकुर आदि वही कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों ने वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी जी की प्रतिमा पर पुष्प माला पहनाकर एवं पुष्प

चढ़ाकर धूमधाम से जयंती मनाई तत्पश्चात भंडारा चालू कराया गया वहीं भंडारे में आसपास के कई गांव से हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया वहीं वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खागल पासी ने महाराजा बिजली पासी जी के जीवंत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वीरता स्वाभिमान एवं बलिदान की

अमर मिसाल थे महाराजा बिजली पासी जी साथ ही कहां की महाराजा बिजली पासी 12वीं सदी के एक महान योद्धा और शासक थे, जिन्होंने अवध क्षेत्र (लखनऊ के पास) में बिजनौरगढ़ की स्थापना की और 12 किले बनवाए, जो न्याय और सामाजिक

समानता के प्रतीक थे; उन्होंने कन्नौज के राजा जयचंद को हराया और आल्हा-ऊदल जैसे योद्धाओं से युद्ध किया, जिससे पासी समुदाय को गौरव और स्वाभिमान मिला, और उनकी विरासत आज भी दलितों के प्रेरणा स्रोत है। जिन्होंने अपने पराक्रम, न्यायप्रिय शासन और दलितों के लिए स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में इतिहास में अपनी जगह बनाई है।महाराजा बिजली पासी 12वीं शताब्दी के

उत्तरार्ध (लगभग 1148-1184 ईस्वी) में अवध क्षेत्र के शासक थे और उनकी जयंती हर साल 25 दिसंबर को मनाई जाती है, जिससे उनका जन्म 25 दिसंबर को हुआ माना जाता है, जब की उनका शासनकाल गांजर युद्ध के बाद समाप्त हुआ साथ ही बताया कि यह हमारा दूसरा विशाल भंडारा है और आगे भी ऐसे ही सामाजिक कार्य हमारी बिजली आर्मी संस्था की ओर से होते रहेंगे। वही कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहयोगी में उपस्थित रहे वीरू सोनकर,राजकुमार

पासी,चंद्रपाल पासी,विजय पासी,पुष्पेंद्र पासी,बाबू लोहार पासी,ओमकार पासी,दीपू पासवान, अज्जू पासी, दीपक पासी, सुमित पासी, मुन्नालाल पासी, सोनेलाल पासी,वीरू ठाकुर, राम गोपाल पासी,छोटू टक्कर,लल्लन ठाकुर,आशीष ठाकुर, एडवोकेट अखिलेश गौतम, डॉक्टर पिंटू वर्मा, दामोदर पाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे







