Thursday, July 23, 2026
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राष्ट्र सर्वोपरि, श्रमिक प्रथम भारतीय मजदूर संघ का मूल मंत्र- समय व्यूज सुरेंद्र सोनी

राष्ट्र सर्वोपरि, श्रमिक प्रथम भारतीय मजदूर संघ का मूल मंत्र-

समय व्यूज सुरेंद्र सोनी

कानपुर _राष्ट्र सर्वोपरि, श्रमिक प्रथम भारतीय मजदूर संघ का मूल मंत्र आप को बताते चलें भारतीय मजदूर संघ के 72वें स्थापना दिवस के अवसर पर कानपुर जिला इकाई द्वारा गुरुवार को केशव नगर के कविताई भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।आरएसएस के विभाग संघ चालक डॉ श्यामबाबू गुप्ता, सुखदेव मिश्रा, सुरेश यादव, योगेंद्र सिंह चौहान, ओमप्रकाश शुक्ला व दीप्ती उत्तम ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वही कार्यक्रम का संचालन जिलामंत्री दीपक शुक्ला ने किया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ श्यामबाबू गुप्ता ने कहा कि आज पूरी दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है और इसका समाधान केवल ‘भारतीयता’ में है। लोगों से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर चर्चा करें।पिछले 2000 वर्षों से विश्व में जो कोशिश पश्चिमी विचारों के आधार पर लोगों के जीवन में सुख और संतुष्टि लाने के लिए किए गए, वे असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ केवल श्रमिकों के वेतन-भत्ता-पदौन्नति के लिए ही कार्य नहीं करत बल्कि उनका लक्ष्य श्रमिकों को एक सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना है। इसके लिए वे अलग-अलग कार्यक्रमों और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए श्रमिकों की बेहतरी के लिए कदम उठाते रहते हैं।
कार्यक्रम में बीएमएस की स्थापना, संघर्ष और गौरवशाली इतिहास के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रदेश महामंत्री अनिल उपाध्याय ने कहा कि भोपाल में 23 जुलाई 1955 को दत्तोपन्त ठेंगड़ी ने संघ की स्थापना की थी।
“राष्ट्र सर्वोपरि, श्रमिक प्रथम” संघ का मूल मंत्र है। उन्होंने बोनस’ को श्रमिक अधिकारों में शामिल कराना, रेलवे में लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की शुरुआत, और श्रमिकों का राष्ट्रव्यापी सशक्तिकरण की उपलब्धियों के बारे जानकारी दी। कल्याण की दिशा में भारतीय मजदूर संघ ने अहम भूमिका निभाई। जिलाध्यक्ष दीप्ती उत्तम ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने समाज और विश्व के कल्याण के व्यापक उपाय जैसे पर्यावरण, सामाजिक समरसता एवं स्वदेशी भी उनके प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। भारतीय समाज में परिवार की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण है। जिस तरह भारतीय समाज के परिवारों में अलगाव का संकट पैदा हुआ है, बीएमएस ने लोगों को इसके प्रति भी जागरूक करने का काम भी कर रहा है। जिसमें मुख्य रूप से साधू सिंह यादव, ओपी त्रिपाठी,फिरोज आलम,सुधीर शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे

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